वाल्ट डिज्नी की असफलता से लेकर सफलता तक की कहानी | know walt disney failure to success story of life: Hindipost News




वाल्ट डिज्नी की असफलता से लेकर सफलता तक की कहानी

Updated on 07 May 2017 by Hindipost


                    

वाल्ट डिज्नी अमेरिकन फिल्म निर्देशक निर्माता और एनिमेटर थे। वाल्ट डिज्नी का जीवन कल्पना, सर्जनात्मकता विश्वास और आशावाद से प्रेरित था. इन्होने विश्व को कुछ प्रसिद्ध कार्टून कैरेक्टर दिए. विश्व में वह मनोरंजन के क्षेत्र मे किये गए कार्यो से प्रसिद्ध हुए. इन्होने डिज्नीलैंड की स्थापना की, शुरुआत में वाल्ट की रूचि कला में थी, अपने पड़ोसियों को वह अपनी ड्राइंग बना कर बेचा करते थे. उसने कला में ही अपना करियर बनाने की भी सोची और अपना करियर बनाने शिकागो के मककिनले हाई स्कूल निकल पड़े. डिज्नी सेना में भर्ती होना चाहते थे लेकिन कम उम्र के कारण वाल्ट डिज्नी को सेना में भर्ती होने से रिजेक्ट कर दिया गया था, इसकी जगह वाल्ट रेड क्रोस में शामिल हो गए।

वाल्ट डिज्नी की कामयाबी का सफ़र कभी भी आसान नहीं रहा और इस दौरान उन्हें कई कठिनाईयों और असफलताओ का सामना करना पड़ा. डिज्नी प्रथम विश्वयुद्ध से जब स्वयं सेवक की सेवा करके लौटे तो अपने भविष्य के बारे में सोचने के लिए उनके पास काफी समय था. वह कार्टून मोशन पिक्चर्स बनाना चाहते थे, १९२० में उन्होंने केवल १९ साल की उम्र में अपनी कंपनी बनाई। वह बचपन से ही जीवो के कार्टून बनाया करते थे।  इसी समय उनके पास किराया चुकाने के पैसे नहीं थे और कई बार उन्हें बिना खाने के रहना पड़ता था वह एक भी कार्टून बेचने में कामयाब ना हो पाए।  कंसास सिटी में अपनी कार्टून सीरीज के बुरी तरह असफल हो जाने के कारण वह कंगाल हो गए।

एक बार उन्हें एक समाचार संवाददाता ने यह कहकर निकाल दिया की वह बहुत सुस्त इंसान है। लेकिन उनमे कल्पनात्मक और सर्जनात्मक विचारो की कमी है. वह कई बार दिवालिये हुए वह हॉलीवुड एक्टर भी बनना चाहते थे पर ऐसा ना हो पाया। तीन साल बाद उन्होंने हॉलीवुड के लिए कंसास सिटी को छोड़ दिया ताकि वह अपने बचपन के सपने को पूरा कर सके. बाद में उन्होंने एक स्टूडियो सेटअप किया. कुछ समय बाद छोटी एनीमेशन ‘अलाइस इन कार्टूनलैंड’ और ‘ओसवाल्ड द रैबिट’ के द्वारा कुछ कामयाबी हाथ लगी। लेकिन ये ज्यादा दिनों तक कायम ना रह सकी। वाल्ट डिज्नी को सफलता अपने पहले पात्र मिक्की माउस से मिली।

वाल्ट ने असफलताओ से कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कई बिजनेस शुरू किये लेकिन सभी असफल हो गए। लेकिन वह बड़ी कामयाबी हासिल करना चाहते थे इसलिए अपने सृजनात्मक विचारो का प्रयोग करना उन्होंने नहीं छोड़ा। १९४० में उन्होंने एक मनोरंजन पार्क बनाने का विचार विकसित किया जंहा पार्क में कर्मचारी अपने बच्चो और परिवार के साथ समय बिता सके। चिल्ड्रन फैरयलैंड की अपनी यात्रा के दौरान कईयों ने इस विचार में योगदान दिया. उन्होंने इस विचार को दुसरो के सामने प्रस्तुत किया। और इसे बनाने में दिन रात एक कर दिए, १९५५ में एक लाइव टीवी कार्यकर्म के दौरान उन्होंने अपने नए बनाये अम्यूज़मेंट पार्क यानि डिसनीलैंड को इस आशा के साथ प्रस्तुत किया की यह हर इंसान के लिए आनंद और प्रेरणा का स्त्रोत बन सके. लोगो के लिए खुला यह सबसे लोकप्रिय पार्क था जो की वाल्ट डिज्नी की कल्पना और विचार का परिणाम था. वह यही नहीं रुके उन्होंने वाटर पार्क्स, मोशन पिक्चर्स और रिसॉर्ट्स भी बनाये।

वाल्ट डिज्नी की असफलताओ की कहानी बहुत लम्बी है, ऐसा मन जाता है की वो  ३०० से अधिक बार असफल हुए लेकिन उन्होंने अपनी असफलताओ से कभी हार नहीं मानते हुए आज एक अलग ही इतिहास लिख दिया. उनकी वाल्ट डिज्नी कम्पनी का कारोबार आज ३५ अरब अमेरिका डॉलर के बराबर है. उनका कहना था की उनके जीवन की कठिनाइयों ने उन्हें मजबूती प्रदान की और अपने जीवन की कड़ी प्रतियोगिता के ऊपर रहे. अपने सर्जनात्मक विचारो के द्वारा उन्होने एक ऐसे पार्क को बना दिया जो आनंद का प्रतीक बन गया।




वाल्ट डिज्नी की असफलता से लेकर सफलता तक की कहानी

Updated on 07 May 2017 by Hindipost



              

वाल्ट डिज्नी अमेरिकन फिल्म निर्देशक निर्माता और एनिमेटर थे। वाल्ट डिज्नी का जीवन कल्पना, सर्जनात्मकता विश्वास और आशावाद से प्रेरित था. इन्होने विश्व को कुछ प्रसिद्ध कार्टून कैरेक्टर दिए. विश्व में वह मनोरंजन के क्षेत्र मे किये गए कार्यो से प्रसिद्ध हुए. इन्होने डिज्नीलैंड की स्थापना की, शुरुआत में वाल्ट की रूचि कला में थी, अपने पड़ोसियों को वह अपनी ड्राइंग बना कर बेचा करते थे. उसने कला में ही अपना करियर बनाने की भी सोची और अपना करियर बनाने शिकागो के मककिनले हाई स्कूल निकल पड़े. डिज्नी सेना में भर्ती होना चाहते थे लेकिन कम उम्र के कारण वाल्ट डिज्नी को सेना में भर्ती होने से रिजेक्ट कर दिया गया था, इसकी जगह वाल्ट रेड क्रोस में शामिल हो गए।

वाल्ट डिज्नी की कामयाबी का सफ़र कभी भी आसान नहीं रहा और इस दौरान उन्हें कई कठिनाईयों और असफलताओ का सामना करना पड़ा. डिज्नी प्रथम विश्वयुद्ध से जब स्वयं सेवक की सेवा करके लौटे तो अपने भविष्य के बारे में सोचने के लिए उनके पास काफी समय था. वह कार्टून मोशन पिक्चर्स बनाना चाहते थे, १९२० में उन्होंने केवल १९ साल की उम्र में अपनी कंपनी बनाई। वह बचपन से ही जीवो के कार्टून बनाया करते थे।  इसी समय उनके पास किराया चुकाने के पैसे नहीं थे और कई बार उन्हें बिना खाने के रहना पड़ता था वह एक भी कार्टून बेचने में कामयाब ना हो पाए।  कंसास सिटी में अपनी कार्टून सीरीज के बुरी तरह असफल हो जाने के कारण वह कंगाल हो गए।

एक बार उन्हें एक समाचार संवाददाता ने यह कहकर निकाल दिया की वह बहुत सुस्त इंसान है। लेकिन उनमे कल्पनात्मक और सर्जनात्मक विचारो की कमी है. वह कई बार दिवालिये हुए वह हॉलीवुड एक्टर भी बनना चाहते थे पर ऐसा ना हो पाया। तीन साल बाद उन्होंने हॉलीवुड के लिए कंसास सिटी को छोड़ दिया ताकि वह अपने बचपन के सपने को पूरा कर सके. बाद में उन्होंने एक स्टूडियो सेटअप किया. कुछ समय बाद छोटी एनीमेशन ‘अलाइस इन कार्टूनलैंड’ और ‘ओसवाल्ड द रैबिट’ के द्वारा कुछ कामयाबी हाथ लगी। लेकिन ये ज्यादा दिनों तक कायम ना रह सकी। वाल्ट डिज्नी को सफलता अपने पहले पात्र मिक्की माउस से मिली।

वाल्ट ने असफलताओ से कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कई बिजनेस शुरू किये लेकिन सभी असफल हो गए। लेकिन वह बड़ी कामयाबी हासिल करना चाहते थे इसलिए अपने सृजनात्मक विचारो का प्रयोग करना उन्होंने नहीं छोड़ा। १९४० में उन्होंने एक मनोरंजन पार्क बनाने का विचार विकसित किया जंहा पार्क में कर्मचारी अपने बच्चो और परिवार के साथ समय बिता सके। चिल्ड्रन फैरयलैंड की अपनी यात्रा के दौरान कईयों ने इस विचार में योगदान दिया. उन्होंने इस विचार को दुसरो के सामने प्रस्तुत किया। और इसे बनाने में दिन रात एक कर दिए, १९५५ में एक लाइव टीवी कार्यकर्म के दौरान उन्होंने अपने नए बनाये अम्यूज़मेंट पार्क यानि डिसनीलैंड को इस आशा के साथ प्रस्तुत किया की यह हर इंसान के लिए आनंद और प्रेरणा का स्त्रोत बन सके. लोगो के लिए खुला यह सबसे लोकप्रिय पार्क था जो की वाल्ट डिज्नी की कल्पना और विचार का परिणाम था. वह यही नहीं रुके उन्होंने वाटर पार्क्स, मोशन पिक्चर्स और रिसॉर्ट्स भी बनाये।

वाल्ट डिज्नी की असफलताओ की कहानी बहुत लम्बी है, ऐसा मन जाता है की वो  ३०० से अधिक बार असफल हुए लेकिन उन्होंने अपनी असफलताओ से कभी हार नहीं मानते हुए आज एक अलग ही इतिहास लिख दिया. उनकी वाल्ट डिज्नी कम्पनी का कारोबार आज ३५ अरब अमेरिका डॉलर के बराबर है. उनका कहना था की उनके जीवन की कठिनाइयों ने उन्हें मजबूती प्रदान की और अपने जीवन की कड़ी प्रतियोगिता के ऊपर रहे. अपने सर्जनात्मक विचारो के द्वारा उन्होने एक ऐसे पार्क को बना दिया जो आनंद का प्रतीक बन गया।







यही हाल रहा तो 2019 Election में भी हार होगी': BJP…
Updated on 14 Mar 2018



30 हज़ार से ज़्यादा किसान नासिक से पैदल मुंबई पहुंचे,…
Updated on 11 Mar 2018



PM मोदी के फॉलोवर ट्विटर पर सब से ज़्यादा, जानिए भारत…
Updated on 07 Dec 2017



विराट कोहली से शादी की खबर पर अनुष्का शर्मा ने बताई…
Updated on 07 Dec 2017



राम मंदिर-बाबरी मस्जिद: जानिये छह दिसंबर 1992 को अयोध्या…
Updated on 04 Dec 2017




इंडस्ट्रीज के प्रकार और उनसे जुड़ी कुछ खास जानकारी…
Updated on 01 May 2017



ओमप्रकाश वाल्मीकि का जीवन
Updated on 05 May 2017



500 और 2000 के नोटों पर अगर कुछ लिखा है, तो जानिए…
Updated on 24 Nov 2017



अकबर दी  ग्रेट की कहानी
Updated on 01 May 2017



अब आपने घर का भी करवा सकते हैं इंश्योरेंस, जानिए इसके…
Updated on 08 Nov 2017


वाल्ट डिज्नी की असफलता से लेकर सफलता तक की कहानी

Updated on 07 May 2017 by Hindipost


              

वाल्ट डिज्नी अमेरिकन फिल्म निर्देशक निर्माता और एनिमेटर थे। वाल्ट डिज्नी का जीवन कल्पना, सर्जनात्मकता विश्वास और आशावाद से प्रेरित था. इन्होने विश्व को कुछ प्रसिद्ध कार्टून कैरेक्टर दिए. विश्व में वह मनोरंजन के क्षेत्र मे किये गए कार्यो से प्रसिद्ध हुए. इन्होने डिज्नीलैंड की स्थापना की, शुरुआत में वाल्ट की रूचि कला में थी, अपने पड़ोसियों को वह अपनी ड्राइंग बना कर बेचा करते थे. उसने कला में ही अपना करियर बनाने की भी सोची और अपना करियर बनाने शिकागो के मककिनले हाई स्कूल निकल पड़े. डिज्नी सेना में भर्ती होना चाहते थे लेकिन कम उम्र के कारण वाल्ट डिज्नी को सेना में भर्ती होने से रिजेक्ट कर दिया गया था, इसकी जगह वाल्ट रेड क्रोस में शामिल हो गए।

वाल्ट डिज्नी की कामयाबी का सफ़र कभी भी आसान नहीं रहा और इस दौरान उन्हें कई कठिनाईयों और असफलताओ का सामना करना पड़ा. डिज्नी प्रथम विश्वयुद्ध से जब स्वयं सेवक की सेवा करके लौटे तो अपने भविष्य के बारे में सोचने के लिए उनके पास काफी समय था. वह कार्टून मोशन पिक्चर्स बनाना चाहते थे, १९२० में उन्होंने केवल १९ साल की उम्र में अपनी कंपनी बनाई। वह बचपन से ही जीवो के कार्टून बनाया करते थे।  इसी समय उनके पास किराया चुकाने के पैसे नहीं थे और कई बार उन्हें बिना खाने के रहना पड़ता था वह एक भी कार्टून बेचने में कामयाब ना हो पाए।  कंसास सिटी में अपनी कार्टून सीरीज के बुरी तरह असफल हो जाने के कारण वह कंगाल हो गए।

एक बार उन्हें एक समाचार संवाददाता ने यह कहकर निकाल दिया की वह बहुत सुस्त इंसान है। लेकिन उनमे कल्पनात्मक और सर्जनात्मक विचारो की कमी है. वह कई बार दिवालिये हुए वह हॉलीवुड एक्टर भी बनना चाहते थे पर ऐसा ना हो पाया। तीन साल बाद उन्होंने हॉलीवुड के लिए कंसास सिटी को छोड़ दिया ताकि वह अपने बचपन के सपने को पूरा कर सके. बाद में उन्होंने एक स्टूडियो सेटअप किया. कुछ समय बाद छोटी एनीमेशन ‘अलाइस इन कार्टूनलैंड’ और ‘ओसवाल्ड द रैबिट’ के द्वारा कुछ कामयाबी हाथ लगी। लेकिन ये ज्यादा दिनों तक कायम ना रह सकी। वाल्ट डिज्नी को सफलता अपने पहले पात्र मिक्की माउस से मिली।

वाल्ट ने असफलताओ से कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कई बिजनेस शुरू किये लेकिन सभी असफल हो गए। लेकिन वह बड़ी कामयाबी हासिल करना चाहते थे इसलिए अपने सृजनात्मक विचारो का प्रयोग करना उन्होंने नहीं छोड़ा। १९४० में उन्होंने एक मनोरंजन पार्क बनाने का विचार विकसित किया जंहा पार्क में कर्मचारी अपने बच्चो और परिवार के साथ समय बिता सके। चिल्ड्रन फैरयलैंड की अपनी यात्रा के दौरान कईयों ने इस विचार में योगदान दिया. उन्होंने इस विचार को दुसरो के सामने प्रस्तुत किया। और इसे बनाने में दिन रात एक कर दिए, १९५५ में एक लाइव टीवी कार्यकर्म के दौरान उन्होंने अपने नए बनाये अम्यूज़मेंट पार्क यानि डिसनीलैंड को इस आशा के साथ प्रस्तुत किया की यह हर इंसान के लिए आनंद और प्रेरणा का स्त्रोत बन सके. लोगो के लिए खुला यह सबसे लोकप्रिय पार्क था जो की वाल्ट डिज्नी की कल्पना और विचार का परिणाम था. वह यही नहीं रुके उन्होंने वाटर पार्क्स, मोशन पिक्चर्स और रिसॉर्ट्स भी बनाये।

वाल्ट डिज्नी की असफलताओ की कहानी बहुत लम्बी है, ऐसा मन जाता है की वो  ३०० से अधिक बार असफल हुए लेकिन उन्होंने अपनी असफलताओ से कभी हार नहीं मानते हुए आज एक अलग ही इतिहास लिख दिया. उनकी वाल्ट डिज्नी कम्पनी का कारोबार आज ३५ अरब अमेरिका डॉलर के बराबर है. उनका कहना था की उनके जीवन की कठिनाइयों ने उन्हें मजबूती प्रदान की और अपने जीवन की कड़ी प्रतियोगिता के ऊपर रहे. अपने सर्जनात्मक विचारो के द्वारा उन्होने एक ऐसे पार्क को बना दिया जो आनंद का प्रतीक बन गया।